Bihar Skill Development Mission राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बिहार के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बदलते समय और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं रह गई है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और तकनीकी ज्ञान की भी आवश्यकता होती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन की शुरुआत की गई, ताकि राज्य के युवा आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित हो सकें।
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार और अल्प-रोजगार युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसके अंतर्गत आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन, रिटेल, ब्यूटी एंड वेलनेस, हॉस्पिटैलिटी, कृषि आधारित उद्योग और अन्य कई सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम इस तरह से तैयार किए जाते हैं कि युवा प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सीधे रोजगार या स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकें।
बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत चलने वाले प्रशिक्षण केंद्र आधुनिक सुविधाओं से लैस होते हैं। यहां अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को इंडस्ट्री से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराया जाता है, जिससे वे कार्यस्थल पर आसानी से खुद को ढाल सकें। कई कोर्स में इंटर्नशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग की सुविधा भी दी जाती है, जिससे छात्रों को वास्तविक कार्य अनुभव मिलता है।
इस मिशन की एक खास बात यह है कि यह समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाने का प्रयास करता है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं और दिव्यांगजन भी इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठा सकते हैं। कई कोर्स पूरी तरह निशुल्क या नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि आर्थिक स्थिति किसी के कौशल विकास में बाधा न बने। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता को भी बढ़ावा मिलता है।
बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन युवाओं में आत्मविश्वास और उद्यमशीलता की भावना को भी मजबूत करता है। कई प्रशिक्षण कार्यक्रम ऐसे हैं जो स्वरोजगार और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करते हैं। युवाओं को व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल टूल्स की जानकारी दी जाती है। इससे वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बन सकते हैं।
मिशन के अंतर्गत प्रमाणन की व्यवस्था भी की जाती है, जिससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट मिलता है। यह सर्टिफिकेट रोजगार पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि नियोक्ता ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते हैं जिनके पास प्रमाणित कौशल हो। कई मामलों में निजी कंपनियों और उद्योगों के साथ साझेदारी कर प्लेसमेंट की सुविधा भी दी जाती है, जिससे युवाओं को सीधे नौकरी के अवसर मिलते हैं।
बिहार जैसे राज्य में, जहां बड़ी संख्या में युवा आबादी है, स्किल डेवलपमेंट मिशन आर्थिक विकास का एक मजबूत साधन बनकर उभरा है। जब युवा कुशल बनते हैं तो उद्योगों को बेहतर कार्यबल मिलता है और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। इससे पलायन की समस्या को भी कम करने में मदद मिलती है, क्योंकि प्रशिक्षित युवा अपने ही राज्य में रोजगार के अवसर तलाश सकते हैं।
डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन में टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कंप्यूटर ट्रेनिंग, डेटा एंट्री, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और सॉफ्ट स्किल्स जैसे कोर्स युवाओं को आधुनिक कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करते हैं। इससे वे निजी कंपनियों, सरकारी परियोजनाओं और फ्रीलांसिंग के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।
कुल मिलाकर, बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन राज्य के युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह न केवल उन्हें रोजगार के लिए तैयार करता है, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और आर्थिक स्थिरता की ओर भी ले जाता है। सही दिशा में कौशल प्रशिक्षण देकर यह मिशन बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

